| गनेश |
जो तुम कहना चाहती थीं वह ईमेल से भेज देना। |
| मीनाक्षी |
वेरी फनी। |
| मीनाक्षी |
याद रहेगा |
| गनेश |
अवश्य याद रखना। |
| मीनाक्षी |
चलती हूँ। |
| गनेश |
जो तुम कहना चाहती थीं वह ईमेल से भेज देना। |
| मीनाक्षी |
वेरी फनी। |
| गनेश |
तुम तो बुरा मान गर्इं |
| मीनाक्षी |
जी नहीं, मैं बुरा नहीं मान रही। |
| गनेश |
देखो-देखो झूठ मत बोलो। |
| मीनाक्षी |
लो, मैं क्यों झूठ बोलने लगी |
| गनेश |
सच कहती हो? देखो तुम्हें बुरा तो अवश्य लगा है। |
| मीनाक्षी |
न तो मुझे बुरा लगा है और न ही मैं बुरा मान रही हॅूं। |
| गनेश |
एक ही बात हुई न? |
| मीनाक्षी |
क्या एक ही बात हुई? |
| गनेश |
बुरा मानना और बुरा लगना। |
| मीनाक्षी |
तुम जैसा समझो। |
| गनेश |
तुम सचमुच बुरा मान गई। |
| मीनाक्षी |
अब तुम्हारी बात का क्या बुरा मानना! |
| गनेश |
ये हुई न बात। |
| मीनाक्षी |
तुम्हारे जैसे गोबर-गणे”ा का क्या बुरा मानना! |
| गनेश |
मीनाक्षी, तुम… तुम… |
| मीनाक्षी |
क्या हुआ, अब तुम बुरा मान गये? |
| गनेश |
मेरा नाम गनेश है। |
| मीनाक्षी |
हाँ तो मैंने तुम्हारा नाम कहाँ लिया। वैसे गोबर-गणेश तुम्हारे नाम का एक सटीक विशेषण है। |
| गनेश |
थैंक्यू। |
| मीनाक्षी |
हिंदी में बोलो। |
| गनेश |
धन्यवाद। |