स्वर्गिक आस्वादन – शुद्ध शहद एवं दालचीनी
श्री वी. के. अग्रवाल
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श्री वी. के. अग्रवाल


ईश्वर की अद्भुत रचना सृष्टि में प्राणियों के लिए जहां दुख है वहाँ उनको दूर करने के लिए अनेक प्राकृतिक उपाय भी हैं! शहद की उत्पत्ति के बारे में बताया गया है, सर्वशक्तिमान ने मधुमक्खी से कहा, जाओ और जाकर पहाड़ों पर और पेड़ों पर अपना छत्ता बनाओ ! विभिन्न प्रकार के फल-फूलों का सेवन कर मालिक की राह में ताबेदारी के साथ मक्खियों ने जो किया, उससे कई रंगों वाले पेय पदार्थ की उत्पत्ति हुईथ ! इसके अंदर प्राणीमात्र के उपचार करने की क्षमता थी ! इस पेय में अवश्य ही उन सभी चमकते चेहरे वाले लोगों के लिए निशानी है जिनको परवरदिगार की फिक्र हैं !
एक समय में स्वर्ण से भी महंगे पदार्थ, दालचीनी का औषधीय प्रयोग काफी प्राचीन काल से किया जा रहा है इसका उल्लेख ग्रीस के प्रख्यात लेखक हीरोडोटस द्वारा ईसा पूर्व 413 वर्ष पहले किया गया है, ओल्ड टेस्टामेंट में भी इसका उल्लेख आता है !
केलीफोर्निया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा पता लगाया गया है कि यदि किसी व्यक्ति की खुराक में 4 बड़े चम्मच शहद जोड़ दिया जाए तो उसके शरीर में फ्री रेडीकल मोलीक्यूल्स, जोकि विभिन्न बीमारियों एवं बुढ़ापे के जनक होते हैं, उनके दुष्प्रभाव को रोका जा सकता है ! वैज्ञानिकों का यह भी मानना है कि यद्यपि शहद मीठा होता है, तथापि यदि इसे सही मात्रा में दवाई के तौर पर लिया जाए तो ये मधुमेह रोगियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता ! लेखक के अनुसार गहरी रंंगत वाले शहद जैसे कि कूटू के आटे का रंग, का प्रयोग करना चाहिए क्योंकि गहरे रंग वाले शहद में एंटी आक्सीडेंट क्षमता अधिक होती है !
शहद और दालचीनी की उपयोगिता के बारे में विभिन्न वैज्ञानिक समूहों द्वारा शोध किए गए हैं! आशा की जाती है कि भविष्य में इस विषय पर हमारे देश भारतवर्ष में भी अधिक शोध की जाएगीै !
हम सभी अच्छी तरह जानते हैं कि मानव के स्वस्थ जीवन के परिप्रेक्ष्य में निम्नलिखित उपाय कई वर्षों से विद्यमान है :-
पेट दर्द एवं गैस
शहद को यदि दालचीनी पाउडर के साथ लिया जाए तो ये गैस, पेट दर्द के साथ साथ पेट के अल्सर को भी जड़ से समाप्त कर देता है !
हाजमा
दो टेबल स्पून शहद में चुटकी भर दालचीनी पाउडर खाने से पहले लेने से एसिडिटी से राहत मिलती है और भारी से भारी खाना भी हजम होता है !
दांत दर्द
एक चम्मच दालचीनी पाउडर और पांच चम्मच शहद का पेस्ट बनाकर दातों पर लगाएं ! दर्द समाप्त होने तक दिन में तीन बार रोज प्रयोग करें !
सर्दी
साधारण और गंभीर सर्दी से ग्रसित एक चम्मच गुनगूने शहद में एक चौथाई दालचीनी पाउडर मिलाकर रोज तीन दिन तक लें ! इस प्रक्रिया से अति गंभीर खांसी, सर्दी से निजात पाई जा सकती है !
आर्थराइटिस ्(जोड़ो का दर्द)
दो भाग गुनगुने पानी में एक भाग शहद और एक छोटा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर पेस्ट बनाएं और दर्द वाले स्थान पर धीरे-धीरे मालिश करें ! एक दो मिनिट में दर्द कम होने लगेगा ! !
या आर्थराइटिस रोगी प्रतिदिन सुबह-शाम एक कप गरम पानी में दो चम्मच शहद और एक छोटा चम्मच दालचीनी पाउडर घोलकर पिएं ! नियमित रूप से पीने पर गंभीर आर्थराइटिस से छुटकारा पाया जा सकता है ! कोपेनहेगन यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए एक रिसर्च के अनुसार यह पाया गया कि जब चिकित्सकों द्वारा लगभग 200 मरीजों का इलाज एक चम्मच शहद और आधी चम्मच दालचीनी पाउडर नाश्ते के पहले से किया गया तो उन्हों ने ये पाया कि एक सप्ताह में लगभग 200 मरीजों में से 73 मरीजों का दर्द पूरी तरह समाप्त हो गया और एक माह के भीतर वे सभी मरीज जो चल नहीं पाते थे उन्होने बिना किसी तकलीफ के चलना शुरू कर दिया !
मूत्राशय इन्फेक्शन
दो चम्मच दालचीनी पाउडर और एक चम्मच शहद एक गिलास गुनगुने पानी में मिलाकर लें, इससे ब्लेडर के कीड़े नष्ट हो जाते हैंे !
कोलेस्ट्रोल
ऐसा कहा गया है कि, दो टेबल स्पून शहद और तीन चम्मच दालचीनी पाउडर तीन कप चाय के पानी में मिलाकर यदि कोलेस्ट्रोल रोगी को पिलाया जाए तो दो घंटे के अंदर रक्त में कोलेस्ट्रोल की मात्रा दस प्रतिशत तक कम की जा सकती है ! इसे दिन में तीन बार लेने से गंभीर कोलेस्ट्रोल से छुटकारा पाया जा सकता है ! प्राप्त जानकारी के अनुसार यदि प्रतिदिन के खाने में शुद शहद लिया जाए तो कोलेस्ट्रोल की शिकायत दूर की जा सकती है !
मधुमेह
टाईप – 2 मधुमेह के रोगी स्त्री पुरूषों पर आधा चम्मच दालचीनी प्रतिदिन का प्रयोग, बहुत विलक्षण प्रभाव डालता है (मधुमेह रोग देश में एक गंभीर बीमारी का रूप ग्रहण करता जा रहा है)! एक रिसर्च के दौरान ये पाया गया कि रोगियों के ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रोल और ट्रिगलीसेराईडस का प्रतिशत मात्र 40 दिन में 12 से 30 प्रतिशत तक घट गया ! यदि आप मधुमेह रोगी हैं तो इस प्रयोग के उपरांत, अपने चिकित्सक से सलाह लें कि क्या आप दवाओं की खुराक कम कर दें ?
बांझपन
यूनानी एवं आर्युवेदिक चिकित्सकों द्वारा कई वर्षों से शहद का प्रयोग मानव वीर्य को शक्ति प्रदान करने के लिए किया जा रहा है ! यदि एक निशक्त पुरूष द्वारा सोने से पूर्व दो चम्मच शहद लिया जाए तो इस समस्या का निदान संभव है ! महिलाएं एक चुटकी दालचीनी पाउडर आधा चम्मच शहद में मिलाकर अपने मसूड़ों पर लगाएं ताकि ये धीरे धीरे लार में मिलकर शरीर में प्रवेश कर सके !
चीन, जापान और कई पूर्वी देशों में महिलाओं द्वारा बांझपन से निजात के लिए कई वर्षों से शहद का सेवन किया जा रहा है ! मेरीलेंड, अमेरिका के 14 वर्षों से निसंतान एक दंपत्ति जो संतान प्राप्ति की आशा खो चुके थे, उन्हें जब इस दवाई के बारे में बताया गया तो दोनों ने शहद और दालचीनी पाउडर का सेवन किया, फलस्वरूप पत्नी ने कुछ महीनों उपरांत गर्भ धारण किया और समय पूरा होने पर जुड़वा बच्चों को जन्म दिया !
दिल की बीमारी
शहद और दालचीनी पाउडर का पेस्ट बनाकर जैम या जैली के स्थान पर ब्रोड या चपाती पर लगाकर प्रतिदिन नाश्ते में लें ! ये प्रक्रिया आर्टरीज में कोलेस्ट्रोल की मात्रा घटाती है और रोगी को दिल के दौरे से बचाने में सहायक होती है !
यदि किसी को पहले दिल का दौरा पड़ चुका है तो इसके सेवन से वह अगले दौरे से काफी समय तक बचा रह सकता है ! इसके नियमित सेवन से श्वास गति को नियंत्रित किया जा सकता है और धड़कनों को मजबूत किया जा सकता है !
शरीर की प्रतिरोधक प्रणाली
शहद और दालचीनी पाउडर का नियमित सेवन इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है और बैक्टेरिया और वाईरस के हमले से बचाता है !
वैज्ञानिकों के अनुसार शहद में विटामिन और लौह तत्व भारी मात्रा में पाए जाते हैं ! शहद का नियमित सेवन श्वेत रक्त सैेल को बैक्टेरिया और वाईरल जनित बीमारियों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है !
इन्फ्लूूएन्जा
स्पेन के एक वैज्ञानिक ने ये प्रमाणित किया है कि शहद में कुछ प्राकृतिक तत्व होते हं जो इनफ्लूएन्जा के कीटाणुओं को नष्ट करके मरीज को फ्लू से बचाते हैं !
फ्लूू
एक कप पानी में थोड़ी दालचीनी (पाउडर नहीं) डालकर धीमी आंच पर पांच मिनिट तक उबालें ! एक ब्लैक टी बैग और शहद स्वादानुसार मिलाएं ! इस प्रकार दो कप प्रतिदिन सेवन करें !
मुंहासे
तीन टेबल स्पून शहद और एक टेबल स्पून दालचीनी पाउडर मिलाकर पेस्ट बनाएं और सोने से पहले मुंहासों पर लगाए, सुबह उठकर गर्म पानी से धो दें ! ऐसा प्रतिदिन दो सप्ताह तक करने से मुंहासे जड़ से समाप्त हो जाते हैं !
त्वचा संबंधी रोग
शहद और दालचीनी पाउडर को समान मात्रा से लगाने पर एग्जिमा, रिंगवोर्म व अन्य त्वचा संबंधी रोग दूर हो सकते हैं !
कैंसर
जापान और आस्ट्रेलिया में की गई रिसर्च में यह पता लगाया गया कि पेट और हड्डियों के एडवांस कैंसर का सफलतापूर्वक निदान किया जा सकता है ! इस तरह के रोगियों को एक चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी पाउडर के मिश्रण को दिन में तीन बार एक माह तक लेना चाहिए !
थकावट
वर्तमान खोज में यह देखा गया है कि शहद का शकर तत्व शारीरिक बल के लिए हानिकारक न होकर काफी मददगार है ! वरिष्ठ जन जोकि शहद और दालचीनी पाउडर समान मात्रा में लेते हैं वे अधिक जाग्रत और लचीले होते हैं !
सर्च के अनुसार एक गिलास पानी में आधा चम्मच शहद और एक चुटकी दालचीनी पाउडर प्रतिदिन सुबह मंजन करने के बाद तथा दोपहर में तीन बजे (जब शरीर की शक्ति क्षीण होने लगती है) लेने से, यह मिश्रण शारीरिक क्षमता को एक सप्ताह में बढ़ा देता है !
सांस की दुर्गंध
दक्षिण अमेरिका के लोग रोज सुबह एक चम्मच शहद, एक चम्मच दालचीनी पाउडर को गर्म पानी में मिलाकर कुल्ला करते है ताकि उनकी सांसे दिनभर तरोताजा रहें !
श्रवण शक्ति में क्षीणता
प्रतिदिन सुबह और रात में शहद और दालचीनी पाउडर समान मात्रा में लेने से श्रवण शक्ति में वृद्धि होती है !
वजन में कमी करना
एक कप पानी में शहद और दालचीनी पाउडर उबालकर प्रतिदिन सुबह नाश्ते से आधा घंटा पहले तथा रात में सोने से पहले पीने से वजन में कमी की जा सकती है ! इसके पीने से उच्च कैलोरी युक्त भोजन करने वाले व्यक्ति को शरीर में चर्बी बढ़ने का खतरा नहीं रहता !
दीर्घायु
शहद और दालचीनी पाउडर के मिश्रण से बनी चाय के नियमित सेवन से वृद्धावस्था को पास आने से रोका जा सकता है ! चार चम्मच शहद, एक चम्मच दालचीनी पाउडर को तीन कप पानी में उबालकर चाय बनाएं ! एक चौथाई कप दिन में तीन चार बार पीने से त्वचा तरोताजा और कोमल रहती है, जीवन काल में वृद्धि होती है और सौ वर्ष का वृद्ध बीस वर्ष के युवक की भांति काम कर सकता है !
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