पंजाब के ग्रामीण जीवन का एक जीवंत चित्रण। लगता लेखिका के हाथ में लेखनी नहीं बल्कि जादुई डंडा हो। आप टोबा सागरगेट पहुँच जाते हैं जहाँ गाँव की गंध आपके नथुनों में समा जाती है। और पात्र पन्नों आजाद हो कर आपके सामने आ जाते हैं। आप बिताइए कुछ समय टोबा सागरगेट गाँव के रहने वालों के साथ विशेष कर रानो और उसके कुटुंब के साथ।
– संपादक