जब होश आया तो अपने को कगार पर खड़ा पाया, अपनों से दूर अपरिचितों के देश में। वापसी का रास्ता बहुत ही दुर्गम था। शरीर अस्वस्थ, अनजानी डगर, अनजाने लोग, और केवल पुरानी धुंधली याद का सहारा। क्या वह वापस आ पाया?
पढ़िए मथुरा कलौनी की बहुत ही मर्मस्पर्शी कहानी।
भाग 1
भाग 2
भाग 3
भाग 4
भाग 5
भाग 6