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गनेश और मीनाक्षी – पहले आप

गनेश और मीनाक्षी – पहले आप

कलायन पत्रिका


गनेश और मीनाक्षी – पहले आप

मथुरा कलौनी


 

मीनाक्षी – पहले तुम बोलो
 गनेश –  गनेश मैं पहले क्यों बोलूँ? पहल तुमने की है। तुम ही पहले बोलो।
 मीनाक्षी –   गनेश मैं पहले क्यों बोलूँ? पहल तुमने की है। तुम ही पहले बोलो।
 गनेश –  सवाल ही नहीं उठता। यू फस्र्ट। लेडीज फस्र्ट।
 मीनाक्षी  देखो पहले आप, पहले आप में गाड़ी छूट जाएगी।
 गनेश  जिसको गाड़ी पकड़नी हो, वो चिंता करे। अपन की कोई गाड़ी नहीं छूट रही।
 मीनाक्षी  हूँ … तो गणेश मैं…
 गनेश  गणेश नहीं, गनेश
 मीनाक्षी  शुद्ध शद तो गणेश है।
 गनेश  गनेश मेरा नाम है, कोई व्याकरण का विषय नहीं।
मीनाक्षी तो गनेश, पहले मुझे ही बोलना पड़ेगा।
गनेश   ठीक समझीं।
मीनाक्षी    ओह… होई होई होई…
गनेश  इतनी लंबी और ठंडी सांस छोड़ोगी तो बर्फ गिरने लगेगी।
मीनाक्षी – जब पहले मुझे ही बोलना है, बोलने दो। टोको मत
गनेश बको।
मीनाक्षी जब तुम कुछ तमीज सीख लो तब मुझे बुलाना। अभी मैं चलती हॅूं।
 गनेश धन्यवाद।
 मीनाक्षी धन्यवाद काहे का?
 गनेश मुझे तुम्हारी बकवास नहीं सुननी पड़ेगी।
मीनाक्षी याद रहेगा
गनेश अवश्य याद रखना।
मीनाक्षी चलती हूँ।

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