Home
नया सवेरा

नया सवेरा

कलायन पत्रिका

नया सबेरा


बृजेन्द्र श्रीवास्तव “उत्कर्ष”     

नए साल का नया सबेरा,

जब अम्बर से धरती पर उतरे

तब शान्ति प्रेम की पंखुरियाँ

धरती के कण-कण पर बिखरें

 

चिडियों के कलरव गान के संग

मानवता की शुरू कहानी हो

फिर न किसी का लहू बहे

न किसी आँख में पानी हो

 

शबनम की सतरंगी बूँदें

बरसे घर-घर द्वार

मिटे गरीबी, भुखमरी

नफरत की दीवार

 

ठण्डी-ठण्डी पवन खोल दे

समरसता के द्वार

सत्य,अहिंसा और प्रेम

सीखे सारा संसार

 

सूरज की ऊर्जामय किरणें

अन्तरमन का तम हर ले

नई सोच के नव प्रभात से

घर घर मंगल दीप जलें।

 

बृजेन्द्र श्रीवास्तव “उत्कर्ष”

206, टाइप-2,  आई.आई.टी.,कानपुर-208016, भारत

मो.  9956171230, 8737951142

Powered By Indic IME