संक्षिप्त परिचय-4

डा. मधु चतुर्वेदी

जन्म जयपुर (राजस्थान)। दर्शन शास्त्र में पीएच.डी.।

देश की लब्ध-प्रतिष्ठ साहित्यिक पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित। रेडियो तथा दूरदर्शन से अनेक बार काव्य पाठ।

मारीशस, काठमांडू एवं श्रीलंका में आयोजित काव्य समारोहों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। अखिल भारतीय कला वाङ्मय का प्रतिष्ठित सद्भावना पुरस्कार। नेपाल साहित्य धर्म संसद से प्रतिष्ठा पुरस्कार। राष्ट्रपति श्री शंकर दयाल शर्मा द्वारा अभिनंदित।

देश की अग्रणी साहित्यिक संंस्था अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन में सक्रिय रूप से संबद्ध।

महाश्वेता

शिक्षा : एम ए, (अंग्रेजी, संस्कृत, हिंदी) साहित्याचार्य, संगीत प्रभाकर, डिप्लोमा जर्नलिजम, एल.एल.बी, पी.एच.डी, डी. लिट्।हिन्दी में प्रकाशित पुस्तकें : महाकाव्य – विवेक-विजय, 6 खंडकाव्य, कई कहानी संग्रह, तीन उपन्यास, गीत और बालगीत संग्रह। अंग्रजी में आठ काव्य संग्रह प्रकाशित। संस्कृत में निबंध-संग्रह तथा श्लोकों की 2 पान्डुलिपियाँ तथा ढाई सौ से अधिक शोधपत्रों का प्रकाशन। दो दर्जन से अधिक देशी तथा विदेशी संदर्भ ग्रंथेां में उल्लेख। दो शोध प्रबंध। हिंदी अंग्रेजी व संस्कृत में निरंतर स्तरीय देशी-विदेशी पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशन। संस्थापिका एवं संपादक मंदाकिनी अंग्रेजी-हिंदी व्दिभाषिक अंतराष्ट्रीय पत्रिका।

सम्मान : साहित्य-भारती, सुभद्रा कुमारी चौहान स्वर्ण पदक, माइकेल मधुसूदन अवार्ड, गोल्डन डेक अवार्ड फार पीस एण्ड एक्सलेंसी इन पोयट्री (आस्ट्रेलिया) अंतराष्ट्रीय शेक्सपियर अवार्ड, गीत गंधर्व पुरस्कार।
आल इंडिया रेडियो व दूरदर्शन से रचनाओं का प्रसारण।

डॉ. दयाकृष्ण विजयवर्गीय ”विजय”

प्रकाशित साहित्य
– कार्तिकेय, उत्तर हल्दी घाटी, श्रमधारा आदि 13 काव्य रचनाएं
– बड़ी मछली, उलझन आदि 4 कथाएं
– सम्राट, सिंहासन आदि 6 नाटक तथा एकांकी पुरस्कार तथा सम्मान
– रा.सा.अकदमी का विशिष्ठ मीरा पुरस्कार (1990)
– रा.सा.अकदमी का विशिष्ठ साहित्य पुरस्कार (1995)
– पं. दीनदयाल उपाध्याय साहित्य पुरस्कार (1993
– विक्रम शिला हिंदी विद्यापीठ भाबलपुर से विद्यासागर (डी.लिट्) की मानद अपाधि (1993)
– उत्तरप्रदेश हिंदी संस्था का साहित्य भूषण सम्मान एवं पुरस्कार (1997)

सुधा

तैतीस वर्षेां तक शिक्षा तंत्र में। लेखन के लिए राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पुरस्कृत। सांस्कृतिक और लेाक संगीत से सम्बद्ध।
लगभग 300 कहानियाँ, बोधकथाएँ, लघुलेख प्रकाशित तथा प्रसारित। तीन उपन्यास, नौ कहानी संकलन, बांग्ला और अंग्रेजी के दो अनुवाद तथा बाल साहित्य की दो कृतियाँ।

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